Reporting :- मेघा तिवारी

जकार्ता : गुरु और शिष्य का रिश्ता सबसे पवित्र रिश्ता माना जाता है लेकिन इंडोनेशिया के एक टीचर ने इसे शर्मसार कर दिया। यहां के एक टीचर ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपने ही स्कूल के 13 छात्राओं के साथ दुष्कर्म किया। इस मामले पर आरोपी टीचर को कोर्ट ने आरोपी टीचर को उम्र कैद की सजा सुनाई है। बताया जा रहा है कि दोषी एक इस्लामिक बोर्डिंग स्कूल का प्रिंसिपल था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम जावा के बांडुंग शहर में स्थित छात्राओं के स्कूल प्रिंसिपल हेरी विरावन ने अपना अपराध स्वीकार किया। इसके साथ ही उसने पीड़ित छात्राओं और उनके परिजनों से माफी भी मांगी है। आरोप है कि इस टीचर ने 11 से 14 साल के बीच की 13 छात्राओं के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने 2016 से 2021 के बीच इन वारदातों को अंजाम दिया। इस दुष्कर्म से पीड़ित छात्राओं ने करीब नौ बच्चों को जन्म दिया। दुष्कर्म के मामला सामने आने के बाद लोगों के बीच खासा रोष देखा गया।
दुष्कर्म के कारण जन्मे बच्चों के लिए कोर्ट ने दिए आदेश
बांडुंग जिला न्यायालय में तीन जजों की पीठ ने स्कूल के प्रिंसिपल विरावन को बाल संरक्षण कानून और आपराधिक संहिता के उल्लंघन का दोषी ठहराया। इसके साथ ही उन्होंने महिला सशक्तिकरण और बाल संरक्षण मंत्रालय से पीड़ित छात्राओं को संयुक्त तौर पर 33.1 करोड़ रुपये (23,200 डालर) देने को कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि दुष्कर्म के कारण जन्मे बच्चों को बाल और महिला सुरक्षा एजेंसी को सौंप दिया जाए। कोर्ट ने कहा जब पीड़ित छात्राएं अपने बच्चों की देखभाल के लिए मानसिक रूप से तैयार होंगी। तभी उन्हें बच्चे सौंपे जाएंगे।

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