रायपुर छत्तीसगढ से मेघा तिवारी कि रिपोर्ट
रायपुर नगर निगम जोन 9 में सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार मामले में निलंबित होने वाले अधिकारियों को वापस उसी कार्यालय में बहाल करने का भर्राशाही का बड़ा खेल चल रहा है।
नगर निगम जोन 9 के सड्डू और दलदल सिवनी में सड़क निर्माण में गड़बड़ी उजागर होने पर जिन दो सब-इंजीनियर रूचि साहू और जयनंदन डहरिया को निलंबित किया गया था उन्हे जांच के बिना ही दोबारा उसी जोन 9 में बहाल कर दिया गया है। इसके लिए बकायदा आदेश जारी भी कर दिया गया है। लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है पर यह आदेश की कापी मीडिया के पास आ चुकी है। वहीं रोड निर्माण की गुणवत्ता की जांच के जिम्मेदार सहायक अभियंता को भी पूरी तरह से बचा लिया गया है सूत्रो से पता चला है की उनके ऊपर पाटन के किसी बड़े राजनेता का हाथ है इसलिए उन्हें बचाया जा रहा है एवम उनके रिटायरमेंट के करीब होने का हवाला दिया जा रहा है। जबकि ओपी वर्मा ज्यादातर काम देख रहे हैं। वर्मा जी फिल्ड पर जाए न जाए उनके पास काम की लंबी फेरहिस्त है और काम देने के लिए जोन कमिश्नर के ऊपर भी राजनीति दबाव बना रहता है एवम 3 महीने पूर्व आयुक्त के द्वारा उनका ट्रांसफर जोन 7 किये जाने के बाद आयुक्त के ऊपर राजनीतिक दबाव होने के कारण ट्रांसफर निरस्त करना पड़ा क्यूकी ओ पी वर्मा सिर्फ जोन 9 में रहना चाहते है और अपनी मर्जी से सभी काम करना चाहते है । वहीं मीडिया में जवाब देने के नाम पर वह चुप्पी साध लेते हैं।
यह बताना जरुरी होगा जोन 9 में सड्डू और दलदल सिवनी में नई बनी कांक्रीट सड़क में इस कदर गड़बड़ी हुई थी की सड़क बीस दिन में ही उखाड़ गई। बीस दिनों में इसके पहले 19 फरवरी को रूचि साहू और जयनंदन डहरिया को निलंबित जारी कर जांच बिठाई गई थी। साथ ही सहायक अभियंता ओपी वर्मा के खिलाफ डीपार्टमेंटल इंक्वायरी के आदेश के बाद भी उन्हे नोटिस तक नहीं दिया गया है। यानी तीनों दोषी अधिकारी फिर से उसी जोन में उन्ही ठेकेदारों के साथ काम करेंगे। जबकि उन्हे किसी और जोन में पदस्थ किया जा सकता था। या मूल विभाग भेजा जा सकता था। खुद सहायक अभियंता ने इस काम में गड़बड़ी मिलने, और जल्द दोषियों पर कार्रवाई की बात कही थी। अब वो इस पर अधिकृत रूप से कहने से बच रहे हैं।सूत्रो की माने तो सुश्री रुचि साहू के ऊपर भी जोन 9 के बड़े अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है जिसके कारण ही रुचि साहू को बचाया जा रहा है जबकि सभी ठेकेदार रुचि साहू से परेशान है क्योंकि वो काम खत्म होने के 3 ,4 महीनों तक बिल नहीं बनाती है जो करना है कर लो बोलती ये पता चला है की जोन 9 के बड़े अधिकारी की खास होने के कारण रुचि साहू के ऊपर कोई एक्शन नहीं होता जबकि रुचि साहू को टेक्निकल जानकारी बिल्कुल भी नहीं है क्यूकी वो नियम विरुद्ध आर्किटेक्ट होते हुए सब इंजीनियर का काम देख रहीं है ज़ोन 9 के बड़े अधिकारी के संरक्षण होने के कारण वो बच जाती हैं (सवालिया निशान ) जी .ए .डी.अपर आयुक्त पंकज शर्मा की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग रहा है उनके द्वारा ,ओपी वर्मा के विरुद्ध आयुक्त के आदेश के पश्चात भी क्यों नहीं की गई जाँच, समिति की जाँच रिपोर्ट जमा करने के पहले रुचि साहू जयनंदन डहरीया को निलंबन को समाप्त कर दिया गया एवं निलंबन अवधि को आदेश क्रमांक1432/ सा.प्र.वि./2025 रायपुर दिनांक 6-3-2025 अनुसार सेवा माना गया है इससे यह साबित होता है कि नियमों को ताक में रखकर अपनी मन मर्ज़ी से ही जी.ए.डी.शाखा ने अपना कार्य ठीक से नहीं किया है जबकि नियम अनुसार जाँच समिति के द्वारा रिपोर्ट जमा कर के पश्चात ही कार्रवाई की जाती है
धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के प्रमुख आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया
