रायपुर | 15 जून 2026
छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली नई बिजली दरों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने बिजली दरों में की गई वृद्धि को आम जनता के साथ अन्याय बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
आप नेता ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक सरप्लस बिजली उत्पादन वाला राज्य है, इसके बावजूद घरेलू और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े बकायादारों से करोड़ों रुपये की वसूली नहीं कर पा रही है, जबकि आम उपभोक्ताओं से बढ़े हुए बिजली बिल के माध्यम से राशि वसूली जा रही है।
1 जुलाई से बढ़ेंगी बिजली दरें
राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार:
* घरेलू बिजली दरों में लगभग 6.23 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
* घरेलू उपभोक्ताओं को अब 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट अधिक भुगतान करना होगा।
* गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक दरें बढ़ाई गई हैं।
* कृषि पंप उपयोग करने वाले किसानों पर भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
पहले से बढ़े बिलों से परेशान हैं उपभोक्ता
उत्तम जायसवाल ने कहा कि पिछले कई महीनों से राज्य के उपभोक्ता बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या से जूझ रहे हैं। उनके अनुसार कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में काफी अधिक आ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली दरों में पहले की गई बढ़ोतरी, बिजली बिल हाफ योजना के बंद होने और स्मार्ट मीटर व्यवस्था के कारण लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा है। पार्टी का दावा है कि स्मार्ट मीटरों को लेकर भी उपभोक्ताओं की ओर से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
सरकार से बढ़ोतरी वापस लेने की मांग
आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार से बिजली दरों में की गई वृद्धि को वापस लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन और बड़े जन आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।
पार्टी नेताओं का कहना है कि बिजली जैसे आवश्यक सेवा क्षेत्र में आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है और सरकार को राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए।
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