पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में लगभग 90% से अधिक वोटिंग हुई, जिसे राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा माना जा रहा है।
पहले चरण में राज्य की 152 सीटों पर मतदान हुआ और कई जिलों में 90% से भी ज्यादा वोट पड़े। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ इलाकों में मतदान प्रतिशत 95% के करीब पहुंच गया, जो असाधारण भागीदारी को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस भारी मतदान को लेकर दावा किया कि यह SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के खिलाफ जनता की प्रतिक्रिया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग वोट डालने इसलिए निकले ताकि वे अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकें और चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी दिखा सकें।
वहीं दूसरी ओर, बीजेपी नेताओं ने भी इस बंपर वोटिंग को अपने पक्ष में माहौल बताया और इसे “परिवर्तन की लहर” करार दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी ज्यादा वोटिंग यह संकेत देती है कि चुनाव बेहद कड़ा और हाई-वोल्टेज मुकाबला है, जहां दोनों पक्षों के समर्थक बड़ी संख्या में मतदान के लिए बाहर निकले।
चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और ज्यादातर जगहों पर प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही, हालांकि कुछ क्षेत्रों से छिटपुट घटनाओं की खबरें भी सामने आईं।
अब सभी की नजर अगले चरणों और नतीजों पर टिकी है, जहां यह साफ होगा कि यह रिकॉर्ड वोटिंग किसके पक्ष में जाती है।
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