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रायगढ़ जिला। जिले की जेल में एक विचाराधीन बंदी की मौत का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, मृतक बंदी को कुछ समय पहले ही जेल में रखा गया था। अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक के परिजनों ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बंदी को जेल के अंदर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और उसकी तबीयत खराब होने के बावजूद समय पर उचित इलाज उपलब्ध नहीं कराया गया। परिजनों के मुताबिक, अगर समय पर चिकित्सा सुविधा मिल जाती, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि बंदी के साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई और अंततः उसकी मौत हो गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

वहीं, जेल प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है और यह संभव है कि बंदी की मौत बीमारी या प्राकृतिक कारणों से हुई हो। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ पाएगा।

प्रशासन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या दोषी पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। कई लोगों ने पारदर्शी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

📌 मुख्य बिंदु:

* विचाराधीन बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
* परिजनों ने प्रताड़ना और इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
* प्रशासन ने जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार बताया
* मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश

 

रायगढ़ जेल में हुई इस घटना ने जेल व्यवस्था और बंदियों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।