रायपुर। छत्तीसगढ़ में फर्जी सरकारी आदेश बनाकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के माध्यम से नकली नियुक्ति आदेश भेजकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा दे रहे थे।
मामले की शुरुआत तब हुई जब सामान्य प्रशासन विभाग के प्रार्थी ने 24 अप्रैल 2026 को थाना राखी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि विभाग के नाम से 5 मार्च 2026 का एक फर्जी आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस आदेश में परिवहन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और स्कूल शिक्षा विभाग में नियुक्ति की अनुशंसा दिखाई गई थी। आदेश में सचिव और उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर का भी दुरुपयोग किया गया था।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल नंबरों का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की।
जांच में आरोपी की पहचान राजेश शर्मा उर्फ राजू के रूप में हुई, जिसकी लोकेशन राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र में मिली। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि आर्थिक तंगी और कर्ज के कारण उसने यह ठगी की योजना बनाई थी। उसने अपने साथी मनोज कुमार श्रीवास्तव के साथ मिलकर कंप्यूटर के जरिए फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किया और उसे व्हाट्सएप पर फैलाया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने भिलाई की एक महिला से नौकरी दिलाने के नाम पर 1 लाख 90 हजार रुपये वसूले थे, जिसे बाद में वापस कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद आरोपियों ने फर्जी आदेश का प्रसार बंद कर दिया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कंप्यूटर सेट और प्रिंटर जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
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👤 गिरफ्तार आरोपी:
* राजेश शर्मा उर्फ राजू (53 वर्ष), निवासी डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव
* मनोज कुमार श्रीवास्तव (52 वर्ष), निवासी डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव
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