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रायपुर |
भीषण गर्मी के बीच रायपुर शहर में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में पानी की कमी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। निचली बस्तियों में स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि टैंकर आते ही लोग पानी भरने के लिए जुट जाते हैं। इंदिरा नगर, दुर्गा नगर और यादव बस्ती जैसे क्षेत्रों में लोगों को घंटों तक टैंकर का इंतजार करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई जगहों पर नलों से पानी नहीं आ रहा है और बोरवेल भी सूख चुके हैं, जिससे लोगों की टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है। कुछ इलाकों में पानी को लेकर विवाद और झगड़े की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।

इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि जल संकट केवल प्राकृतिक कारणों से नहीं, बल्कि व्यवस्थागत कमियों के कारण भी बढ़ा है। उनका कहना है कि कई क्षेत्रों में निजी टैंकरों के जरिए महंगे दामों पर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

मोवा, सड्डू, कचना और आमासिवनी जैसे इलाकों में भूजल स्तर गिरने के कारण स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। वहीं, खारुन नदी के आसपास के क्षेत्रों में भी पानी की कमी की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से गिरता भूजल स्तर, बढ़ती आबादी और समय पर जल प्रबंधन की कमी इस संकट के प्रमुख कारण हो सकते हैं। उन्होंने दीर्घकालिक समाधान के लिए जल संरक्षण, पाइपलाइन व्यवस्था में सुधार और वैकल्पिक जल स्रोतों के विकास पर जोर दिया है।

फिलहाल, शहरवासी पानी की समस्या से जूझ रहे हैं और प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं।