छत्तीसगढ़ की शिक्षिका गंगा शरण पासी जी को एक बार फिर अन्तरराष्ट्रीय अवार्ड मिले हैं इस बार उन्हें उत्तर प्रदेश से सम्मानित किया गया है उनकी कविता मैं लड़की हूं को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर लान्च किया गया है तथा मैडल, सर्टिफिकेट ओर मेमोन्टो देकर बाई पोस्ट सम्मानित किया गया है तथा उन्हें अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सह लेखक के रुप में चयन किया गया है छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है शिक्षिका के साथ साथ पासी जी कवयित्री समाज सेविका भी है उनकी छत्तीसगढ़ में क ई कविताएं छप चुकी है तथा उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है गंगा शरण पासी छत्तीसगढ़ की एक मात्र ऐसी शिक्षिका हैं जिन्हें अलग अलग राज्यों से पांच अन्तरराष्ट्रीय अवार्ड मिले हैं लगातार काम करने वाली शिक्षिका गंगा शरण पासी गांव के स्कूल में कार्यरत हैं

तथा वहां की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बना रही है पर्यावरण पर भी इन्हें महाराष्ट्र से राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है संघर्ष को अपने जीवन का आधार बनाकर निरन्तर कार्य करती रहती है तथा ईमानदार के साथ साथ मेहनत शील भी है सादगी इनका व्यक्तित्व है तथा गांव में रहना इन्हें बहुत पसंद हैं गरीब बच्चों को आगे बढ़ाने का भरकस प्रयत्न किया हैं कोरोना काल के समय भी इनकी कविता छपी तथा लोगों को जागरूक किया
