अलीगढ़ उत्तर प्रदेश में *जय भीम* कहने पर जाति पुछकर मारा, अब मज़ाल है कोई एक शब्द बोल दे। मीडिया हो या राजनितिक दल दलितों के लिए सब के सब बेज़ुबान है। गरिमत है दलितों के हाथ में सोशल मीडिया है नहीं तो पहले तो पता भी नहीं चलता था क्यों मारा जा रहा है, औऱ कहां मारा जा रहा है। जाति पुछकर रोज मारा जा रहा है लेकिन उनके हाथ कांपते है औऱ मुहँ लड़खड़ाते है दलितों पर बोलने के लिए। जो लोग कह रहा था धर्म पुछा जाति नहीं, शायद यहां भी धर्म पुछकर मारते और पीड़ित उच्च जाति का होता तो सबके सोशल मीडिया, न्यूज पर ब्रेकिंग न्यूज होता लेकिन हमारी स्थिति तो इस देश में जानवरों से बदत्तर है।
राजधानी रायपुर के दलदल सिवनी स्थित प्रधानमंत्री आवास के बच्चों ने मनाया छत्तीसगढ़ी
