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*प्रेस विज्ञप्ति*
*आम आदमी पार्टी, छत्तीसगढ़*

*संवेदनशील जनप्रतिनिधि होने का परिचय दें विधायक, गरीबों के आंसुओं पर महल बनाना लोकतंत्र का अपमान:उत्तम जायसवाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष*

*मांग पूरी न होने पर प्रदेश के सभी विधायकों के घर जाकर ‘आप’ करेगी व्यक्तिगत घेराव और अनुरोध-उत्तम जायसवाल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष*

रायपुर, 1 जुलाई 2026। आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने रायपुर के नकटी गाँव में शासन-प्रशासन द्वारा गरीब परिवारों के पक्के और कच्चे मकानों को बेरहमी से ढहाए जाने की कार्रवाई पर अत्यंत तीखी और आक्रोशित प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि नकटी गाँव में जो कुछ भी हुआ, वह न केवल अमानवीय और दर्दनाक है, बल्कि सत्ता के नशे में चूर सरकार में बैठे लोगों के लिए बेहद शर्मनाक भी है। कड़कड़ाती धूप और बारिश के इस मौसम में छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बेघर कर देना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

उत्तम जायसवाल ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाने वाले कांग्रेस विधायक के कदम का स्वागत करते हुए कहा कि जिस तरह से माननीय विधायक चातुरी नन्द ने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और सरकार को लिखित में दिया है कि ‘वे उस जमीन पर पैर भी नहीं रखना चाहते और न ही वहां रहना चाहते हैं जहाँ से मासूम गरीबों की चीख-पुकार और बददुआएं निकली हों।’ यह एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान है।
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के सभी 90 विधायकों (चाहे वे सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के) से यह पुरजोर अपील करती है कि वे भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शासन को स्पष्ट शब्दों में लिखकर दें कि हम गरीबों का आशियाना उजाड़कर अपने लिए सर्वसुविधायुक्त विधायक कॉलोनी बनाए जाने का कड़ा विरोध करतें हैं।

*गरीबों के हक के लिए सड़कों पर उतरेगी आम आदमी पार्टी:*

उत्तम जायसवाल ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो सरकार जनता को छत देने का वादा करके सत्ता में आती है, वही आज खुद बिल्डर की भूमिका में आकर गरीबों के सिर से छत छीन रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश के सभी 90 विधायक समय रहते शासन को अपनी लिखित असहमति नहीं सौंपते हैं, तो आम आदमी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। आने वाले दिनों में हमारे कार्यकर्ता और पदाधिकारी प्रदेश के कोने-कोने में जाकर एक-एक विधायक के बंगले का घेराव करेंगे और उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर जनता के पक्ष में खड़े होने का अनुरोध करेंगे। यदि फिर भी विधायकों का दिल नहीं पसीजा, तो जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।