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रायपुर, 15 जुलाई। आम आदमी पार्टी (AAP) छत्तीसगढ़ ने राज्य सरकार पर अनियमित कर्मचारियों और बेरोज़गार युवाओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए नियमितीकरण और बेरोज़गारी भत्ता बहाल करने की मांग की है। पार्टी ने घोषणा की है कि बेरोज़गारी भत्ते की मांग को लेकर 1 अगस्त से प्रदेशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।

रायपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में अनियमित कर्मचारी वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित करने की दिशा में अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उनका कहना है कि कम मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को मिलने वाले विशेष भत्ते और वेतन पुनरीक्षण जैसे मुद्दे भी लंबे समय से लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पार्टी ने दावा किया कि चुनाव के दौरान नियमितीकरण और रोजगार से जुड़े कई वादे किए गए थे, लेकिन सरकार उन पर अमल करने में सफल नहीं रही है। AAP नेताओं का कहना है कि सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर समय पर भर्ती नहीं होने से युवाओं में निराशा बढ़ रही है।

प्रेस वार्ता में बेरोज़गारी के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। पार्टी का कहना है कि प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में बड़ी संख्या में बेरोज़गार पंजीकृत हैं, जबकि बेरोज़गारी भत्ता योजना का लाभ लंबे समय से नहीं मिल रहा है। इससे युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है।

AAP की प्रमुख मांगें

* पात्र अनियमित कर्मचारियों का शीघ्र नियमितीकरण।
* बेरोज़गार युवाओं के लिए बेरोज़गारी भत्ता पुनः शुरू किया जाए।
* सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए।
* भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए अनावश्यक देरी और अनियमितताओं पर रोक लगाई जाए।

1 अगस्त से शुरू होगा हस्ताक्षर अभियान

आम आदमी पार्टी के अनुसार, यूथ विंग 1 अगस्त से प्रदेशभर में बेरोज़गारी भत्ते की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाएगी। साथ ही विभिन्न कर्मचारी संगठनों के सहयोग से अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण के समर्थन में चरणबद्ध जनजागरण और आंदोलन भी किए जाएंगे।