दतिया (मध्य प्रदेश):
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के आशुतोष तिवारी को लगभग 6,000 से अधिक मतों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। इस परिणाम के बाद प्रदेश की राजनीति में बीजेपी की रणनीति और उम्मीदवार चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया में लगातार दूसरे चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है। चुनाव से पहले पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर नए उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया था। इसके बाद पार्टी के भीतर असंतोष और भीतरघात की चर्चाएं भी सामने आईं। हालांकि, हार के पीछे केवल एक कारण को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं माना जा रहा, क्योंकि स्थानीय मुद्दे, संगठनात्मक स्थिति और सामाजिक समीकरण भी अहम भूमिका निभाते हैं।
हार के बाद बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने भी सार्वजनिक रूप से भीतरघात के संकेत दिए और कहा कि वे परिस्थितियों से अनजान नहीं हैं, जबकि पार्टी की ओर से परिणाम की समीक्षा की बात कही गई है।
क्या नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटना बीजेपी की सबसे बड़ी गलती थी?
