रायपुर,26 नवंबर 2021।छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी,विक्रम सिंहदेव,राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल ने बताया कि आज जीएसटी कार्यालय, रायपुर में आयोजित बैठक में नवनीत गोयल जी (आई.आर.एस),चीफ कमिश्नर सेन्ट्रल जीएसटी,सेन्ट्रल एक्साइज एंड कस्टम, भोपाल जोन (म.प्र.), श्री बी.बी. महापात्रा प्रिंसीपल कमिश्नर सेंट्रल जीएसटी एवं श्री अजय कमिश्नर (ऑडिट) से छत्तीसगढ़ चेम्बर का एक प्रतिनिधि मंडल मिला, जिसमें चेम्बर सलाहकार- भरत बजाज, प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा द्वारा जीएसटी सरलीकरण संबंधी सुझाव दिया गया।

– श्री अमर पारवानी ने कहा कि जीएसटी सरलीकरण एवं विसंगतियों को दूर करने औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों से प्राप्त सुझाव निम्नानुसार है:

जीएसटी हेतु सुझाव :

• इनपुट क्रेडिट का 105 प्रतिशत सम्बंधित प्रावधान
• जीएसटी प्रणाली में ब्याज की गणना के प्रावधान को बदलने बाबत
• RCM संबधित प्रावधान
• एक ही लेनदेन पर दो दो बार ब्याज विक्रेता पर ही कार्यवाही की जानी चाहिए
• स्पॉट ऑडिट संबधित प्रावधान
• स्टेशनरी वस्तु “पेन” पर जीएसटी में वृद्धि बाबत
• नियम 86 बी- Restriction of ITC to 99%
• नियम 21 जीएसटी पंजीकरण का निलंबन/निरस्तीकरण
• ई-वे बिल की वैधता अवधि में 50 प्रतिशत की कटौती
• ई-इनवॉइसिंग के 1 अप्रेल 2021 से रु. 50 करोड़ तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों पर लागु किए गए प्रावधान वापस लेने बाबत
• E- Invoicing की स्थिति में खरीददार को इनपुट अनिवार्य रूप से मिलना चाहिए छुटे हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेन एवं वार्षिक विवरण पत्र में संशोधन किए जाने हेतु अवसर प्रदान करने बाबत
• जीएसटी वार्षिक विवरण के संबंध में सुझाव
• One Time Amnesty स्कीम लानी चाहिए
• ब्याज, पेनाल्टी एवं विलंब शुल्क से छुट प्रदान करने हेतु
• माल के परिवहन एवं ई-वे बिल संबंधित समस्याएं
• जीएसटी का रजिस्ट्रेशन संरेडर करने बाबत
• रिटर्न सम्बंधित अन्य समस्याएं
• जीएसटी के प्रावधानों में सुधार हेतु अन्य सुझाव
• व्यवसाय को राहत देने एवं Ease of Doing हेतु सुझाव
• जीएसटी की दर में कमी करने हेतु सुझाव
• एक व्यवसाय एक कर
• प्रक्रिया को केन्द्रीकृत करें

चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री पारवानी ने श्री नवनीत गोयल (आई.आर.एस),चीफ कमिश्नर जीएसटी,सेन्ट्रल एक्साइज एंड कस्टम, भोपाल जोन से कहा कि वर्तमान में व्यापारी वर्ग जीएसटी की दरों से जितना परेशान नहीं हैं उससे अधिक परेशान जीएसटी में परिवर्तन की दरों (जीएसटी के प्रावधानों में निरंतर हो रहे संशोधनों) से हैं । अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि जीएसटी के प्रावधानों में संशोधन कम हो एवं संशोधन वित्तीय वर्ष के प्रारंभ से ही लागू हो।

श्री पारवानी ने गोयल (आई.आर.एस),चीफ कमिश्नर सेन्ट्रल जीएसटी से निवेदन किया कि व्यापार एवं उद्योग के हित में तथा जीएसटी के सरलीकरण के दिशा में उपरोक्त सुझावों को जीएसटी काउंसिल में रखा जाय एवं इन सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें।

श्री नवनीत गोयल (आई.आर.एस),चीफ कमिश्नर सेन्ट्रल जीएसटी ने कहा चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने व्यापारिक हित में व्यापार में आ रही जीएसटी संबंधी दिक्कतों को समय रहते चेम्बर के माध्यम से हमें इन सब मुद्दों से अवगत कराया है। हमारे पास जो भी सुझाव 15 दिसम्बर तक आ जाते हैं उसे बजट में रखा जाता है। श्री पारवानी ने हमें समय से पूर्व सुझाव दिया है, यह बहुत ही सराहनीय है।

शहर के विकास के मुद्दों को छोड़ सामान्य सभा की बैठक में बीजेपी पार्षदों को फेसबुक,यूट्यूब, और व्हाट्सएप चलाना ज्यादा पसंद.

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