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घरघोड़ा केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ का जमीनी हकीकत से कितना दूर है, इसका उदाहरण रायगढ़ जिले के घरघोड़ा क्षेत्र के नवागढ़ गांव में देखने को मिल रहा है। यहां लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को आज भी पीने के पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पानी टंकी का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन उसमें पानी ही नहीं पहुंच रहा है। हालात ऐसे हैं कि घरों तक बिछाई गई पाइपलाइन और लगाए गए नल भी सूखे पड़े हैं। योजना कागजों में पूरी दिख रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गर्मी बढ़ने के साथ ही जल संकट और गहराता जा रहा है। महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

गांव के निवासियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी की गई है और योजना का क्रियान्वयन सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

इस मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और ‘जल जीवन मिशन’ के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि योजना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और गांव में जल्द से जल्द नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।