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आरंग। रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में गौ-तस्करी के शक में एक युवक के साथ कथित गौरक्षकों द्वारा मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज और सोशल मीडिया में वीडियो वायरल करने का मामला सामने आया है। घटना के विरोध में सतनामी समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी और ग्रामीण थाना आरंग पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

पीड़ित बालकुमार कुर्रे, पिता बहुरसिंह कुर्रे, निवासी ग्राम गुदगुदा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह किसान परिवार से हैं और घर में गाय-भैंस पालते हैं। 8 मई की रात चराई के बाद कुछ पशु वापस नहीं लौटे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि गांव के नाले के पास कुछ लोगों ने पशुओं को पकड़ रखा है। सूचना मिलने पर वह अपने पशुओं की पहचान करने मौके पर पहुंचे, जहां पुलिस भी मौजूद थी और पशुओं को थाना आरंग लाया जा रहा था।

पीड़ित का आरोप है कि थाना परिसर में मौजूद कुछ लोगों ने बिना किसी जांच के उन्हें गौ-तस्कर बताकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। इस दौरान कथित तौर पर गोल्डी शर्मा, अभिजीत शर्मा और विजय अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें अपमानित किया और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद सतनामी समाज के सैकड़ों लोग थाना आरंग पहुंचे। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गौ-रक्षा के नाम पर कानून हाथ में लेकर निर्दोष लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं और क्षेत्र में भय का माहौल बना रहे हैं।

समाज के नेताओं परमानंद जांगड़े, संजय चेलक, पिंटू कुर्रे, राधाकृष्ण टंडन, रेखलाल पात्रे और अन्य पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने वायरल वीडियो हटाने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की भी मांग उठाई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 126(2), 131, 352, 351(2), 356 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(r) और 3(1)(s) के तहत भी कार्रवाई की गई है।

सीएसपी अभिषेक झा ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने या कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

सतनामी समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।