देश आज कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं, ग्रामीण क्षेत्रों में बुनि
यादी सुविधाओं की कमी, महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षा जैसे मुद्दे करोड़ों लोगों के जीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे समय में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इन विषयों पर पर्याप्त चर्चा हो रही है?
आज देश के कई हिस्सों में पानी की समस्या देखि जा रही है दूर दूर से परिवार के छोटे छोटे बच्चो को पानी निकलते और देखा जा रहा है पर क्या
इस मुद्दे पर सरकार की ख़ामोशी सही है,
न किसी भी समाचार चेंनल पर इन विषयो पे चर्चा की जा रही है न ही इन सब समस्याओ पर किसी बैठक की खबरे आ रही है. वास्तविकता से परे मीडिया चेंनल “मेलोडी इतनी चॉकलेटी” क्यों है की बारे में खोज में और लोगो को इसकी जनकारी देने में लगी है,
आज के सोशल मीडिया के ज़माने में जब हर इंसान के पास दूसरे गांव में रह रहे लोगो की समस्याओ की खबरे वीडियो के द्वारा आसानी से पहुंच जा रही है तो क्या सरकार के पास इन सब की खबर नहीं होगी फिर ऐसे में चुप्पी का क्या मतलब हो सकता है क्या जनता सरकार के लिए केवल “वोट बैंक ” बन के रह गयी है जिनकी तकलीफो, परेशानियों से सरकार को कोई लेना देना नहीं रह गया है
