नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को उस समय तेज हो गया, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करते हुए धरने पर बैठ गए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लेकर वहां से हटाया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और विपक्ष के कई अन्य नेताओं को भी एहतियातन हिरासत में लिया गया।
विपक्ष का आरोप है कि छात्रों की आवाज दबाई जा रही है और पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में सरकार जवाबदेही से बच रही है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग अस्वीकार्य है और सरकार को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए।
वहीं केंद्र सरकार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि विपक्ष इस कदम को पर्याप्त नहीं मान रहा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम है।
इस घटनाक्रम के बाद संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है, जबकि भाजपा का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
