आरंग (रायपुर)। किसानों को कथित रूप से संदिग्ध उर्वरक और बिना लेबल वाले रासायनिक उत्पाद बेचने के मामले में कृषि विभाग, आरंग पुलिस और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक गोदाम में जांच की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में कृषि उत्पादों और संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई।
जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद कलई क्षेत्र स्थित एक गोदाम में छापामार कार्रवाई की गई। जांच में पता चला कि बाहरी राज्यों से आए कुछ लोग स्थानीय स्तर पर किराये के मकान में गोदाम संचालित कर रहे थे। आरोप है कि ये लोग किसानों से सीधे संपर्क कर उर्वरक के ऑर्डर लेते थे और बाद में घर पहुंच सेवा के माध्यम से उत्पादों की आपूर्ति करते थे।
संयुक्त टीम को जांच के दौरान कुछ ऐसे रासायनिक उत्पाद भी मिले, जिन पर आवश्यक लेबल, निर्माण संबंधी जानकारी और अन्य अनिवार्य विवरण स्पष्ट रूप से अंकित नहीं थे। प्रारंभिक जांच में ऐसे उत्पाद कृषि संबंधी नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिसके बाद अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही मामले से जुड़े कुछ संदिग्ध व्यक्ति मौके से फरार हो गए। कृषि विभाग द्वारा गोदाम में मौजूद सामग्री, पैकेजिंग और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। वहीं आरंग पुलिस भी संबंधित व्यक्तियों की तलाश में जुटी हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि उत्पादों में अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
इस बीच छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक, कीटनाशक अथवा अन्य कृषि उत्पाद खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, लेबल, लाइसेंस और विक्रेता की वैधता की जांच अवश्य करें। साथ ही किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन और संबंधित विभाग को दें।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों द्वारा सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

