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संजीव तिवारी को पद से हटाकर स्वतंत्र inएजेंसियों से जांच कराने की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

रायपुर। आम आदमी पार्टी (आप) छत्तीसगढ़ ने जनसंपर्क विभाग में कथित भ्रष्टाचार, विज्ञापन वितरण में अनियमितताओं और पत्रकारों के उत्पीड़न से जुड़े आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी को पद से अलग करने की मांग की है।

उत्तम जायसवाल ने जारी बयान में कहा कि जनसंपर्क विभाग सरकार और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन विभाग को लेकर लगातार विभिन्न प्रकार की शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका आरोप है कि विज्ञापन वितरण, निविदा प्रक्रियाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय पत्रकारों और मीडिया संस्थानों की ओर से विज्ञापन आवंटन में पक्षपात, कथित कमीशनखोरी तथा वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें की जाती रही हैं। जायसवाल का कहना है कि यदि इन आरोपों में तथ्य पाए जाते हैं तो यह सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला हो सकता है।

आप नेता ने यह भी दावा किया कि एक वरिष्ठ पत्रकार द्वारा लंबे समय से सहायता कोष के माध्यम से आर्थिक मदद की मांग किए जाने के बावजूद अपेक्षित सहायता नहीं मिल सकी। इसके अलावा कुछ पत्रकारों और मीडिया कर्मियों से जुड़े विवादित मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने पत्रकार समुदाय में असंतोष का माहौल पैदा किया है।

उन्होंने मांग की कि संजीव तिवारी एवं उनके परिवार की चल-अचल संपत्तियों, आय के स्रोतों, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन तथा उनके कार्यकाल के दौरान जारी विज्ञापनों और निविदाओं की विस्तृत जांच कराई जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि

बे समय तक विभाग और रायपुर में उनकी पदस्थापना प्रशासनिक नियमों एवं स्थानांतरण नीतियों के अनुरूप थी या नहीं।

आम आदमी पार्टी ने पूरे मामले की जांच सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) तथा विशेष जांच दल (SIT) जैसी स्वतंत्र एजेंसियों से कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारी को जांच अवधि के दौरान वर्तमान दायित्वों से अलग किया जाना चाहिए।

उत्तम जायसवाल ने कहा कि पत्रकारों की शिकायतों और भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की निष्पक्ष जांच लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए आवश्यक है। उन्होंने सरकार से मामले में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आम आदमी पार्टी जनहित, पत्रकार हित और पारदर्शिता के मुद्दे पर आंदोलन करेगी तथा संबंधित कार्यालय का घेराव भी किया जा सकता है।