नई दिल्ली:
देश में जनगणना के दूसरे चरण की शुरुआत 17 अगस्त से होगी। इस चरण में पहली बार सभी नागरिकों से उनकी जाति संबंधी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। शुरुआत लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले क्षेत्रों से होगी।
जनगणना दो चरणों में आयोजित की जा रही है। पहले चरण में मकानों और आवासीय सुविधाओं का विवरण एकत्र किया गया, जबकि दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक जानकारी दर्ज की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान माता-पिता के जन्म स्थान और जन्म तिथि जैसी जानकारी भी ली जा सकती है। आधार और पासपोर्ट नंबर जैसी कुछ जानकारियां स्वैच्छिक होंगी।
सरकार का कहना है कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। जनगणना का यह चरण पूरी तरह डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
