नई दिल्ली। कावेरी जल विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक सरकार से कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के निर्देशों का पालन करने को कहा है। कोर्ट तमिलनाडु की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें कर्नाटक से निर्धारित मात्रा में कावेरी का पानी छोड़ने की मांग की गई है।
तमिलनाडु सरकार ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक की ओर से CWMA के निर्देशों के मुताबिक पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। वहीं, कर्नाटक ने तमिलनाडु के दावे को गलत बताते हुए अलग स्थिति पेश की।
CWMA ने कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए प्रतिदिन 12,000 क्यूसेक पानी 15 दिनों तक छोड़ने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को तय की है और संबंधित प्राधिकरण से पानी छोड़े जाने की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है।
कावेरी जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। इस बार भी दोनों राज्यों के दावों के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मामले पर सबकी नजरें टिकी हैं।
