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महादेव घाट में होगा छत्तीसगढ़ का दूसरा पर्यावरण तीर्थ,15 दिसंबर को कार्यक्रम से शुरुआत-गणेश शंकर मिश्रा…

रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व आई ए एस गणेश शंकर मिश्रा और भाजपा के वरिष्ठ नेता सच्चिदानंद उपासने ने बताया कि वर्तमान समय में पर्यावरण को सबसे ज्यादा हानि प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण के कारण होती है। चूंकि प्लास्टिक एक गैर-बायोडीग्रेडेबल पदार्थ होने के कारण हजारों वर्षों तक पर्यावरण में मौजूद रहता है। हमारे विश्व में 10 लाख पानी की प्लास्टिक बोतल का उपयोग प्रति मिनट होता है तथा 80 लाख टन प्लास्टिक नदियों के माध्यम से समुद्रों में जा पहुँचता है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि यही गति रही तो वर्ष 2050 तक हमारे महासागरों में मछलियों की तुलना प्लास्टिक की मात्रा अधिक हो जाएगी जिससे हमारे वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र पर अपरिवर्तनीय अघात होगा| हमारे छत्तीसगढ़ में भी शहरी क्षेत्रों में जो 300 टन – 500 टन का दैनिक कचरा निकलता है उसमें 60% से अधिक मात्रा प्लास्टिक-युक्त कचरे की ही होती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर प्लास्टिक मुक्त भारत हेत् नो-सिंगल युज़ प्लास्टिक का संकल्प लेने हम सभी को प्रेरित किया था। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने पर्यावरण संरक्षण एवं संवधर्धन की सदैव प्राथमिकता देते हुए इस क्षेत्र में राष्ट्र के लिए अनेक महत्वकांक्षी लक्ष्य निधारित किये हैं तथा विश्वस्तर पर अगुआनी करते हुए “अंतर्राष्ट्रीय सोलार अलायन्स’ जैसे समूहों के माध्यम से अनेक राष्ट्रं और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को पर्यावरण के प्रति सजग किया है।

पिछले महीने ग्लास्गो, इंग्लैंड में आयोजित COP-26 सम्मलेन में माननीय प्रधानमंत्री ने शून्य प्रदृषण उत्सर्जन हैतु भारत के लिए वर्ष 2070 का लक्ष्य घोषित किया है। प्रकृति के प्रति इसी प्रतिबद्धता से प्रेरणा लेते हुए छत्तीसगढ़ भाजपा के पर्यावरण विभाग द्वारा 3P – प्लास्टिक, पानी और पेड़ को ध्यान में रखते हुए जनमानस में पर्यावरण सुरक्षा और संवर्धन के प्रति संवेदनरशीलता बढ़ने के लिए राज्य की विभिन्न जीवनदायिनी नदियों के तट पर ‘पर्यावरण तीर्थ’ की स्थापना करने की कार्य- योजना बनाई गई है।

राज्य का पहला पर्यावरण तीर्थ पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह के मख्य आतिथ्य में राजनंदगांव जिले के ग्राम मोहारा में शिवनाथ नदी के तट पर दि. 23.10. 21 को किया गया। ऐसा ही एक पर्यावरण तीर्थ रायपुर की जीवनदायनी खारुन नदी के तट पर महादेव घाट स्थित पुराने मूर्ति विसर्जन स्थल में 15.12.2021 को सायं 4 बजे माननीय महामहिम सुश्री अनसुइया उड़के जी के मुख्य आतिथ्य एवं पूर्व राज्यसभा सांसद श्रीगोपाल व्यास जी की अध्यक्षता में स्थापित किया जा रहा।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत वैदिक मंत्रोच्चारण व हवन के साथ बरगद, पीपल एवं नीम के पौधों का रोपण किया जायेगा और तत्पश्चात प्लास्टिक-मुक्त भारत हेतु जनसंकल्प लिया जायेगा । साथ ही तुलसी जो हमारी परंपरा का अभिन्न अंग है, उसके महत्त्व को पूनस्थापित करना भी पर्यावरण तीर्थ का उद्दश्य है; क्योंकि वैज्ञानिक शोध से यह प्रमाणित हो चका है किे तलसी से ओजोन उत्सर्जित होता है अत एव ओजोन परत की मरम्मत में इस पौधे का घर घर में होना काफी सहायक रहेगा।

इसीलिए तुलसी पौधों का निःशल्क वितरण भी पर्यावरण तीर्थ के मंच के माध्यम से किया जाना है। कार्यक्रम के अंत में नदियों के प्रति जनसंवेदना जागुत करने हेतु नदी-तट पर गंगा आरती कर दीपदान किया जायेगा! सभी वृक्षों को ट्री गार्ड से सुरक्षित किया जायेगा एवं हर महीने एक नियत तिथि को शभारंभ स्थल पर ही नियमित गंगा आरती की जायेगी| इस कार्य हेत् समर्पित ‘पर्यावरण वाहिनी’ बनाई गई है।

पर्यावरण तीर्थ को टिकाऊ एवं स्थायी व्यवस्था बनाने हेतु पर्यावरण की इृष्टि से उत्कृष्ट प्रजाति के पौधों- बरगद, पीपल और नीम- का चयन किया गया है जिनमे सवाधिक ऑक्सीजन उत्सर्जन एवं कार्बन-डाइऑक्साइड अवशोषण की क्षमता होती है।

सभी पौधों की सुरक्षा ट्री-गार्ड लगाकर किया जाना है। इसके सतत देख-रेख हेत पर्यावरण वाहिनी का गठन हर पर्यावरण तीर्थ के लिए किया जायेगा, जिसकी इन
पौर्धों की सूरक्षा एवं हर महीने एक नियत तिथे को नदी-तट पर आरती की ज़िम्मेदारी होगी इस हेतु सभी कार्यक्रम स्वस्फूर्त जनसहयोग से जनजागरण द्वारा किये जा रहा है।

अपील: शक्त लोकतंत्र में सबको एक सुत्र में बॉँधनेवाले घटक, आप सब हमारे पत्रकार साथीयों के माध्यम सभी से हमारा अन्रोध है कि इस पहल में अपना सहयोग दें एवं धरती के संसाधनों के प्रति कृतज्ञता का भाव के साथ हमारी इस पहल में हिस्सा लेकर हमारा उत्साहवर्धन करें आपके साथ आने से इस मुहिम को और बल मिलेगा, हम-आप मिलकर अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव करके पर्यावरण के सरक्षा और संवर्धन में एक सुखकारी तथा निर्णायक बदलाव ला सकते हैं।

प्लास्टिक को अपनी दिनचर्या से विलोपित करने के लिए एक स्वस्फूर्त संकल्प लेने के लिए आप http://www.plasticfreecg.org वेबसाइट पर जाकर भी संकल्प लेकर शपथ पत्र डाउनलोड कर सकते है। अब तक इस माध्यम से तीन हज़ार से अधिक संकल्प ले चुके है। “

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