नई दिल्ली। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद भारत ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है। भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपनी नाकामियों को छिपाने और जनता की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, PoK के विभिन्न क्षेत्रों में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। प्रदर्शनकारी राजनीतिक अधिकारों, प्रतिनिधित्व और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे थे। हिंसा के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है। भारत ने इसे मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्थिति पर ध्यान देने की अपील की है।
इस बीच, PoK की घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ब्रिटेन में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किए गए और कुछ सांसदों ने भी मामले पर चिंता जताई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि PoK में बढ़ता असंतोष पाकिस्तान के लिए नई चुनौती बन सकता है। हालिया घटनाओं ने क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

