छत्तीसगढ़ के बस्तर में बारिश, तूफान और बाढ़ से प्रभावित गरीब किसानों और मजदूरों की मुश्किलें अब भी कम नहीं हुई हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण कई किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं, वहीं अनेक परिवारों के मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
पीड़ित परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और सरकार से राहत एवं मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इस बीच प्रभावितों को मुआवजा देने में हो रही देरी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
विपक्ष ने साय सरकार को घेरते हुए पूछा है कि आपदा प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के वादों का क्या हुआ? किसानों और मजदूरों को नुकसान के अनुपात में मुआवजा कब मिलेगा?
विपक्ष ने मांग की है कि बस्तर के प्रभावित किसानों और मजदूरों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे अपने जीवन और आजीविका को फिर से पटरी पर ला सकें।
