रायपुर, 28 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण राजस्व व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसका असर अब धान खरीदी की तैयारियों और किसानों के पंजीयन पर भी पड़ने की आशंका है। पटवारी संघ 13 अक्टूबर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर है।
पटवारियों की प्रमुख मांगों में पीवी (फिजिकल वेरिफिकेशन) ऐप की तकनीकी खामियों को दूर करना, वेतन विसंगति का समाधान, पदोन्नति और पटवारियों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई का विरोध शामिल है। हड़ताल के चलते राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने से किसानों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
इसी बीच आम आदमी पार्टी ने किसानों को ₹3,358 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने और पूर्व की बकाया राशि के रूप में ₹150 प्रति क्विंटल का भुगतान करने की मांग उठाई है।
पार्टी के अनुसार, इन मांगों को लेकर 29 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टर के माध्यम से छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके साथ ही लोकसभा स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर किसानों की समस्याओं और धान खरीदी से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा।
आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार से पटवारियों की जायज मांगों पर जल्द निर्णय लेने और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि धान खरीदी के समय किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार को समय रहते आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
