Raipur : ग्राम नेऊरडीह, तहसील सारागांव में शासकीय भूमि के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता गजानंद यादव ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर सरकारी भूमि को निजी भूमि के रूप में दर्ज किया गया।
शिकायत में कहा गया है कि पुराने राजस्व अभिलेखों में खसरा नंबर 59/5A का कहीं उल्लेख नहीं मिलता, लेकिन बाद में इसे डिजिटल नक्शे में जोड़ दिया गया। आरोप है कि इसी भूमि को नया खसरा नंबर 59/88 बनाकर मंजू गुप्ता के नाम दर्ज कर दिया गया। मामले में हल्का पटवारी, राजस्व निरीक्षक और तत्कालीन तहसीलदार की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
विवाद उस सड़क से जुड़ा बताया जा रहा है जिसे सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया प्लांट से पथरी माइंस तक भू-अर्जन प्रक्रिया के तहत बनाया गया था। शिकायतकर्ता का दावा है कि सड़क और उनकी निजी भूमि के बीच मौजूद सरकारी जमीन को रिकॉर्ड में निजी दर्शाया गया।
शिकायतकर्ता ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच पूरी होने तक खसरा नंबर 59/88 एवं 59/90 की भूमि के अंतरण और बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।
आवेदन में यह भी कहा गया है कि पुराने पटवारी नक्शों, बैनामों और खसरा रिकॉर्ड में 59/5A नाम का कोई अलग हिस्सा दर्ज नहीं था। पुराने नक्शों में केवल खसरा नंबर 59/5 की सीमाएं और माप स्पष्ट रूप से दर्ज थीं। शिकायतकर्ता के अनुसार डिजिटल भू-नक्शे की प्रति निकलवाने के दौरान पहली बार इस नए खसरा नंबर की जानकारी सामने आई।
मामले की शिकायत अपर कलेक्टर स्तर पर भी की गई है और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है।
