
छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव की आहट के साथ ही प्रदेश की राजनीति में गुटीय समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में एक बार फिर वही पुरानी तस्वीर उभरती दिख रही है, जिसमें एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री का प्रभावशाली चेहरा और दूसरी ओर संगठन खेमे की रणनीति आमने-सामने दिखाई देती है। पहले यह भूमिका पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के दौर में देखने को मिलती थी, वहीं अब प्रदेश की राजनीति में यह केंद्र बिंदु पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel बनते नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार इस बार युवा कांग्रेस चुनाव की कमान स्वयं भूपेश बघेल अपने भरोसेमंद खेमे के साथ संभालने जा रहे हैं। दिल्ली से रायपुर तक संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और माना जा रहा है कि जल्द ही चुनावी प्रक्रिया का औपचारिक ऐलान हो सकता है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस के कई बड़े नेता इस बार सीधे मुकाबले से बचते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई नेता भूपेश बघेल से संपर्क साधकर समर्थन जताने में जुटे हुए हैं ताकि भविष्य की राजनीतिक स्थिति सुरक्षित रखी जा सके।
दूसरी ओर वर्तमान प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष Akash Sharma लगातार प्रदेशभर में सक्रिय नजर आ रहे हैं। आकाश शर्मा को विधायक Devendra Yadav के करीबी खेमे का माना जाता है। देवेंद्र यादव की युवा राजनीति में मजबूत पकड़ और लोकप्रिय छवि का लाभ भी आकाश शर्मा को मिल रहा है। हालांकि इस खेमे की ओर से अब तक प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए किसी उम्मीदवार के नाम की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछली बार इस खेमे की जीत में कहीं न कहीं भूपेश बघेल की रणनीतिक भूमिका भी अहम रही थी। लेकिन इस बार हालात अलग दिखाई दे रहे हैं।
भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में जिला अध्यक्ष पद के दावेदारों के चयन में भी भूपेश कैंप की सीधी भूमिका रहने वाली है। सरगुजा, मनेन्द्रगढ़, कोरबा, जांजगीर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और बस्तर जैसे जिलों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि युवा कांग्रेस चुनाव के जरिए भूपेश कैंप विरोधी नेताओं को उनके ही गढ़ में राजनीतिक चुनौती देने की तैयारी में है।
सूत्र बताते हैं कि 24 मई को चुनावी प्रक्रिया की घोषणा हो सकती है। इसके बाद परफॉर्मर लिस्ट तैयार की जाएगी, जिलों का आरक्षण तय होगा और फिर बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा।
इस बीच संगठन और विधायकों के बीच भी एक प्रकार का दबाव देखा जा रहा है। कई नेता खुलकर किसी एक गुट के समर्थन में आने से बच रहे हैं, क्योंकि इससे उनकी गुटीय पहचान सार्वजनिक हो सकती है, जिसका असर भविष्य में टिकट वितरण पर पड़ सकता है।
उधर संगठन खेमे के युवा नेता Poornchand Padhi ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उनकी ओर से प्रशांत बाला बोकड़े का नाम संभावित उम्मीदवार के रूप में सामने आ रहा है। प्रशांत लगातार वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर समर्थन जुटाने में सक्रिय बताए जा रहे हैं। हालांकि पिछले चुनाव में इसी खेमे के उम्मीदवार आशीष “मोनू” अवस्थी को हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद एनएसयूआई चुनावों में भी संगठन खेमे को झटका लगा था।
कुल मिलाकर युवा कांग्रेस चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही प्रदेश की राजनीति गर्मा चुकी है। अब नजर इस बात पर टिकी है कि चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा या फिर यह पूरी तरह भूपेश बघेल कैंप की बड़ी राजनीतिक जीत साबित होगी।
