जमशेदपुर। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने लगभग 100 करोड़ रुपये के कथित फर्जी जीएसटी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले की जांच में बड़ी कार्रवाई करते हुए जमशेदपुर के स्क्रैप कारोबारी अजय शर्मा को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का आरोप है कि आरोपी फर्जी कंपनियों के माध्यम से अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध कराने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
डीजीजीआई की टीम ने संयुक्त निदेशक अभिनव कुमार के नेतृत्व में आरोपी के बारीडीह स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क सहित कई डिजिटल उपकरण और वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए। पूछताछ के बाद अजय शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पर ‘गणेश ट्रेडिंग’ और ‘कांतिक ट्रेडिंग’ समेत कई कथित फर्जी फर्मों के नाम पर कागजी लेन-देन दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का अवैध लाभ लेने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि अब तक लगभग 100 करोड़ रुपये के संदिग्ध फर्जी बिलिंग नेटवर्क के संकेत मिले हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जांच का दायरा केवल एक कारोबारी तक सीमित नहीं है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क से सरकारी राजस्व को वास्तविक नुकसान कितना हुआ और इसमें अन्य कंपनियों या कारोबारियों की क्या भूमिका रही। जांच के दौरान कुछ ऐसे कारोबारी भी एजेंसी के रडार पर आए हैं, जिनका नाम पहले भी कथित जीएसटी फर्जीवाड़े के मामलों में सामने आ चुका है।
डीजीजीआई पिछले कई महीनों से झारखंड समेत विभिन्न राज्यों में सक्रिय कथित फर्जी बिलिंग नेटवर्क की जांच कर रही है। जब्त किए गए डिजिटल डेटा और वित्तीय रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
फिलहाल एजेंसी मामले की विस्तृत जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
