Spread the love

 

रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। कांग्रेस नेता सन्नी अग्रवाल ने इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है, जिससे आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नए राजनीतिक समीकरण बनने की अटकलें शुरू हो गई हैं।

सन्नी अग्रवाल इससे पहले रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रहे थे और विधानसभा टिकट के दावेदार भी माने जाते थे। हालांकि उन्हें टिकट नहीं मिला। अब मूल रूप से रायपुर उत्तर के निवासी होने के कारण उनकी बढ़ती सक्रियता को इसी क्षेत्र से भविष्य की चुनावी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

इसी बीच युवा कांग्रेस रायपुर उत्तर अध्यक्ष पद के चुनाव में मोनू उर्फ अभिषेक तिवारी के मैदान में उतरने से मुकाबला और रोचक हो गया है। एनएसयूआई से जुड़े मोनू तिवारी शंकर नगर के निवासी हैं और उन्हें सन्नी अग्रवाल का करीबी माना जाता है। उनकी उम्मीदवारी के बाद संगठन के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि युवा कांग्रेस का यह चुनाव केवल संगठनात्मक पद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे विभिन्न गुटों के शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। यदि मोनू तिवारी चुनाव जीतते हैं, तो इसे रायपुर उत्तर में सन्नी अग्रवाल के प्रभाव और संगठनात्मक पकड़ के मजबूत होने का संकेत माना जा सकता है।

इस बीच सन्नी अग्रवाल भी क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं। कांग्रेस के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में रायपुर उत्तर से टिकट के प्रमुख दावेदारों में शामिल हो सकते हैं।

हालांकि पार्टी की ओर से टिकट या किसी वरिष्ठ नेता के समर्थन को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं, सन्नी अग्रवाल को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी माना जाता है, जिससे उनकी राजनीतिक संभावनाओं को लेकर भी चर्चाएं बनी हुई हैं।

कुल मिलाकर, रायपुर उत्तर युवा कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव अब केवल एक संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं रह गया है, बल्कि इसके परिणाम क्षेत्र की कांग्रेस राजनीति और भविष्य के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर भी असर डाल सकते हैं।