रायपुर। अगर आप किसी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो केवल रजिस्ट्री हो जाने को ही कॉलोनी के वैध होने का प्रमाण न मानें। किसी जमीन की रजिस्ट्री और कॉलोनी का वैध होना दो अलग-अलग बातें हैं। गलत दस्तावेजों के आधार पर प्लॉट खरीदने पर भविष्य में नामांतरण, निर्माण अनुमति और स्वामित्व को लेकर परेशानी हो सकती है।
प्लॉट खरीदने से पहले कॉलोनी की कानूनी स्थिति और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करना बेहद जरूरी है। खास तौर पर ये दस्तावेज जरूर देखें—
1. कॉलोनी की अनुमति और लेआउट पास
यह जांचें कि संबंधित कॉलोनी के लेआउट को सक्षम स्थानीय निकाय या संबंधित विभाग से मंजूरी मिली है या नहीं।
2. जमीन का भूमि उपयोग (Land Use)
यह देखना जरूरी है कि जिस जमीन पर प्लॉट काटे गए हैं, वहां आवासीय उपयोग की अनुमति है या नहीं। कृषि या अन्य उपयोग वाली जमीन पर बिना जरूरी अनुमति के प्लॉटिंग होने पर समस्या खड़ी हो सकती है।
3. खसरा/भूमि रिकॉर्ड और मालिकाना हक
खसरा नंबर, भूमि रिकॉर्ड और पुराने दस्तावेजों की जांच करें। यह भी देखें कि जमीन बेचने वाले व्यक्ति का नाम रिकॉर्ड से मेल खाता है या नहीं और जमीन पर किसी तरह का विवाद या भार तो नहीं है।
4. कॉलोनी की वैधता/नियमितीकरण की स्थिति
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कॉलोनी संबंधित प्राधिकरण के रिकॉर्ड में वैध है या नहीं। केवल रजिस्ट्री हो जाने से अवैध कॉलोनी अपने आप वैध नहीं हो जाती।
जानकारों के मुताबिक प्लॉट खरीदने से पहले पुराने लिंक दस्तावेज, भूमि रिकॉर्ड और संबंधित विभाग की अनुमति की जांच करना खरीदार के लिए बेहद जरूरी है। रजिस्ट्री के बाद नामांतरण की प्रक्रिया भी समय पर पूरी कराना चाहिए।
खरीदारों के लिए सलाह: किसी भी प्लॉट में बड़ी रकम लगाने से पहले दस्तावेजों की जांच किसी योग्य प्रॉपर्टी वकील या संबंधित विभाग से जरूर कराएं। जल्दबाजी में केवल कम कीमत देखकर जमीन खरीदना बाद में महंगा पड़ सकता है।
