रायपुर। आम आदमी पार्टी (AAP) छत्तीसगढ़ ने एग्रीस्टेक की अनिवार्यता खत्म किए जाने का स्वागत करते हुए राज्य सरकार से किसानों की अन्य लंबित समस्याओं का भी जल्द समाधान करने की मांग की है। पार्टी ने पीवी ऐप की तकनीकी खामियां दूर करने, पटवारियों की समस्याओं का निराकरण करने, किसानों का बकाया बोनस जारी करने और धान खरीदी समय पर शुरू करने की मांग उठाई है।
आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, प्रदेश प्रवक्ता एवं कर्मचारी विंग के प्रदेश अध्यक्ष विजय झा, प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी और रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अजीम खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
आप नेताओं के अनुसार, एग्रीस्टेक से जुड़ी समस्याओं के कारण प्रदेश के हजारों किसान धान बेचने की प्रक्रिया में परेशानी का सामना कर रहे थे। पार्टी का दावा है कि पिछले एक वर्ष से किसान सभाओं, आंदोलनों और ज्ञापनों के माध्यम से लगातार इन समस्याओं को उठाया गया, जिसके बाद सरकार ने एग्रीस्टेक की अनिवार्यता समाप्त की। पार्टी ने इसे किसानों के हित में उठाया गया कदम बताया।
पीवी ऐप की खामियों से सत्यापन कार्य प्रभावित होने का आरोप
आप नेताओं ने फसल सत्यापन यानी खरीफ गिरदावरी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पीवी ऐप और भुइंया पोर्टल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट की समस्या, सर्वर की तकनीकी दिक्कतें, ऐप का बार-बार हैंग होना और जियो-लोकेशन में त्रुटियां आने से फसल सत्यापन का काम प्रभावित हो रहा है।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि खेतों के चारों कोनों से फोटो अपलोड करने की अनिवार्यता के कारण कई स्थानों पर काम करना मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद काम पूरा नहीं होने पर पटवारियों को कारण बताओ नोटिस और निलंबन जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। आप नेताओं ने पटवारियों की मांगों पर विचार करने और तकनीकी समस्याओं का समाधान करने की अपील की।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि सत्यापन संबंधी समस्याएं समय रहते दूर नहीं की गईं, तो किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में कठिनाई हो सकती है। पार्टी ने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की।
किसानों का बकाया बोनस जारी करने की मांग
आम आदमी पार्टी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से संबंधित किसानों के कथित लंबित बोनस का मुद्दा भी उठाया। पार्टी का कहना है कि बोनस की राशि अब तक किसानों को नहीं मिली है, जबकि इसके लिए फंड जारी होने की बात कही गई थी। आप नेताओं ने राज्य सरकार से इस राशि का भुगतान जल्द करने की मांग की।
इसके साथ ही पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा पिछले वर्षों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की गई बढ़ोतरी का लाभ किसानों को देने की मांग की। पार्टी का दावा है कि बढ़ी हुई राशि को ध्यान में रखते हुए किसानों को धान का उचित मूल्य मिलना चाहिए।
AAP की प्रमुख मांगें
1. पटवारियों की जायज मांगों पर तत्काल निर्णय लिया जाए और पीवी ऐप की तकनीकी खामियां दूर कर फसल सत्यापन की प्रक्रिया आसान बनाई जाए।
2. किसानों का लंबित बोनस जारी किया जाए।
3. पार्टी की मांग के अनुसार, धान की खरीदी बढ़ी हुई एमएसपी को शामिल करते हुए 3,358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाए।
4. किसानों को समय पर धान बेचने का अवसर देने के लिए 1 नवंबर से धान खरीदी अनिवार्य रूप से शुरू की जाए।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि किसानों और पटवारियों से जुड़ी इन समस्याओं का जल्द समाधान होना चाहिए। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लेती है, तो किसानों के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
