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भारत में रिश्तों को लेकर होने वाले अपराध लगातार चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। प्रेम संबंध, पारिवारिक विवाद और आपसी दुश्मनी अब कई मामलों में हिंसा और हत्या जैसी वारदातों का कारण बन रहे हैं। हालिया NCRB आंकड़ों ने इस बढ़ते खतरे की तस्वीर सामने रखी है।

रिपोर्ट के अनुसार, देश में हत्या के मामलों के पीछे “विवाद” और “व्यक्तिगत दुश्मनी” के बाद प्रेम संबंध तीसरा बड़ा कारण बनकर उभरा है। कई मामलों में प्रेम प्रसंग, विवाहेतर संबंध और पारिवारिक तनाव हिंसक घटनाओं में बदलते दिखाई दे रहे हैं।

NCRB के आंकड़े बताते हैं कि घरेलू हिंसा और रिश्तों से जुड़े अपराधों में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। “पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता” महिलाओं के खिलाफ अपराधों की सबसे बड़ी श्रेणी बनी हुई है। देशभर में ऐसे लाखों मामले दर्ज किए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता मानसिक तनाव, सोशल मीडिया का प्रभाव, असहिष्णुता और रिश्तों में अविश्वास ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। कई मामलों में मामूली विवाद भी हिंसक रूप ले रहे हैं।

हालांकि NCRB रिपोर्ट में कुल हत्या के मामलों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन रिश्तों से जुड़े अपराध अब भी गंभीर चुनौती बने हुए हैं। विशेषज्ञों ने परिवारों में संवाद बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई है।