रायपुर। छत्तीसगढ़ में पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि नहीं मिलने के मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। Aam Aadmi Party ने अंतागढ़ विकासखंड की 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों के सामूहिक इस्तीफे को राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और ग्रामीण विकास प्रणाली की बड़ी विफलता बताया है।
पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष Abhishek Mishra ने कहा कि पंचायतों को समय पर फंड नहीं मिलने से गांवों में कई जरूरी विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। उनका आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधि लंबे समय से शासन-प्रशासन के सामने अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होने से हालात गंभीर हो गए।
गांवों में विकास कार्य प्रभावित
बताया जा रहा है कि फंड की कमी के कारण कई पंचायतों में सड़क निर्माण, नाली निर्माण, पेयजल व्यवस्था, आंगनबाड़ी भवन मरम्मत, सामुदायिक भवन और स्वच्छता से जुड़े कार्य रुके पड़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
सरकार पर लगाए कई आरोप
आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार पर ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कृषि जैसे कई क्षेत्रों में समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। पार्टी का कहना है कि किसान खाद और बीज के लिए परेशान हैं, जबकि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे।
पंचायतों के लिए विशेष बजट की मांग
पार्टी ने मांग की है कि पंचायतों के लंबित विकास कार्यों के लिए विशेष बजट जारी किया जाए और ग्राम पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय अधिकार दिए जाएं। साथ ही ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी और जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई गई है।
आंदोलन की चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रदेशभर में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचायतों का यह मुद्दा आने वाले समय में राज्य की राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है।
