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रायपुर, 28 मई 2026। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बुधवार को धरसींवा थाना पहुंचे, जहां उन्होंने सोशल मीडिया पर आदिवासी समाज के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

प्रेस वार्ता के दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि डोंगरगढ़ स्थित मां बमलाई दाई धाम से जुड़े मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा आदिवासी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। संगठनों ने इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और नफरत फैलाने की कोशिश बताया।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि डोंगरगढ़ क्षेत्र में मां बमलाई दाई धाम का इतिहास आदिवासी समाज की पारंपरिक पूजा-पद्धति और राज बैगा व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। ग्राम देवताओं की पूजा, जंवारा स्थापना, महामाई डुकाना और अन्य धार्मिक परंपराएं आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार निभाई जाती हैं।

प्रतिनिधियों ने कहा कि आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है और जल, जंगल, जमीन तथा लोक परंपराओं के संरक्षण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में किसी भी समाज विशेष के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल पूरे प्रदेश की संस्कृति और अस्मिता के खिलाफ माना जाएगा।

छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने प्रशासन से मांग की है कि सोशल media पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की भी मांग की गई।

संगठनों ने कहा कि वे आदिवासी समाज, किसानों, मजदूरों और छत्तीसगढ़िया संस्कृति के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।