जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने कार्रवाई को बताया लोकतंत्र विरोधी
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा की गिरफ्तारी को राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए राज्य सरकार पर जनआंदोलन की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। संगठनों का कहना है कि सरकार चुनाव से पहले आंदोलनकारी नेताओं को जेल में रखकर जनता की आवाज कमजोर करना चाहती है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के अधिकारों और छत्तीसगढ़ की अस्मिता के लिए आवाज उठाना अपराध नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के नेता सरकारी संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं, जबकि जनहित के मुद्दों को उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और आंदोलनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है।
संगठनों के अनुसार अमित बघेल और अजय यादव के खिलाफ दर्ज सभी मामले पिछले कई वर्षों के जनआंदोलनों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं पर किसी प्रकार के व्यक्तिगत लाभ, चोरी, डकैती या आर्थिक अपराध के आरोप नहीं हैं, बल्कि वे लगातार किसानों, युवाओं और क्षेत्रीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं।
पार्टी ने कहा कि 10 जून 2024 की घटना के लगभग 19 महीने बाद अचानक गिरफ्तारी किया जाना कई सवाल खड़े करता है। नेताओं का आरोप है कि अधिकांश मामलों में पुलिस पहले ही न्यायालय में चालान पेश कर चुकी थी और ट्रायल प्रक्रिया चल रही थी, इसके बावजूद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि एक ही घटना को अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत करते हुए कई प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पार्टी नेताओं के अनुसार पुलिस अब तक ऐसा कोई सार्वजनिक फोटो या वीडियो प्रस्तुत नहीं कर पाई है जिसमें संबंधित नेता कथित भड़काऊ भाषण देते या घटनास्थल का नेतृत्व करते दिखाई दें।
पार्टी ने दावा किया कि इस पूरे मामले में दर्ज अन्य आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है, जबकि अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा को राहत नहीं मिलना राजनीतिक दबाव की ओर संकेत करता है।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने राज्य सरकार से न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की। नेताओं ने कहा कि यदि सरकार पारदर्शी है तो आयोग की रिपोर्ट जनता के सामने लाई जानी चाहिए।
संगठन ने कहा कि यह संघर्ष केवल तीन व्यक्तियों का नहीं बल्कि न्याय, संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का आंदोलन है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी।
