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रायपुर। सरकारी विभागों एवं निगमों में प्राइवेट आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के बढ़ते शोषण के खिलाफ भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJMTUC) ने मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजेश शर्मा ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ब्रजेश शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों एवं निगमों में तैनात कर्मचारियों को न तो नियमित रूप से पे-स्लिप उपलब्ध कराई जाती है और न ही उनके ईपीएफ (भविष्य निधि) से संबंधित स्पष्ट जानकारी दी जाती है। इसके चलते कर्मचारियों को अपने वेतन, कटौतियों और अन्य लाभों की सही जानकारी नहीं मिल पाती।

उन्होंने कहा कि कई मामलों में कर्मचारियों को यह तक पता नहीं होता कि सरकार द्वारा उनके पद के लिए कितना वेतन निर्धारित किया गया है और एजेंसियां किस आधार पर कटौती कर रही हैं। निजी एजेंसियों द्वारा मनमानी कटौती किए जाने के आरोप भी लगातार सामने आ रहे हैं।

BJMTUC ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि संबंधित विभागों और निगमों को कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। संगठन ने मांग की है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन, ईपीएफ और सेवा शर्तों की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रजेश शर्मा ने कहा कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो संगठन कर्मचारियों के हित में व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।