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रायपुर। छत्तीसगढ़ में बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बाल सक्षम नीति 2022 के तहत प्रदेशभर में विशेष सघन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न जिलों में बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति, अपशिष्ट संग्रहण, नशे की चपेट में आए तथा अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे बच्चों की पहचान, संरक्षण और पुनर्वास की कार्रवाई तेज कर दी गई है।

महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीमों द्वारा विशेष सर्वेक्षण और जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य ऐसे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और संरक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अधिकारियों के अनुसार जून माह के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर बाल अधिकारों, बाल सुरक्षा और बाल संरक्षण कानूनों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही बच्चों के शोषण, बाल श्रम और अन्य जोखिमपूर्ण परिस्थितियों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अभियान के तहत चिन्हित बच्चों को आवश्यकतानुसार पुनर्वास सेवाएं, परामर्श, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं कोई बच्चा संकटग्रस्त स्थिति में दिखाई दे तो इसकी जानकारी संबंधित विभागों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और अवसरों से भरपूर बचपन मिले तथा बाल अधिकारों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित हो सके।