छतरपुर (मध्य प्रदेश)। केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत प्रस्तावित विस्थापन का विरोध कर रहे आदिवासी किसानों का जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल रविवार तड़के पुलिस ने समाप्त करा दी। बताया जा रहा है कि आंदोलन पिछले 14 दिनों से जारी था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल से हटाया, जिसके बाद इस कार्रवाई को लेकर विवाद शुरू हो गया है।
आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि उनकी मांगों पर संतोषजनक समाधान निकाले बिना उन्हें हटाया गया। उनका आरोप है कि पुनर्वास, मुआवजा और आजीविका से जुड़े मुद्दों का अभी तक उचित समाधान नहीं हुआ है।
वहीं प्रशासन का कहना है कि परियोजना स्थल पर लंबे समय से धरना चलने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और परियोजना के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कार्रवाई की गई।
केन-बेतवा लिंक परियोजना को बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण जल परियोजना माना जाता है। सरकार का दावा है कि इससे सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। दूसरी ओर, प्रभावित ग्रामीण और सामाजिक संगठन विस्थापन, पुनर्वास और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर लगातार अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं।
फिलहाल मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। परियोजना और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन तथा आंदोलनकारियों के बीच आगे की बातचीत पर सभी की नजर बनी हुई है।
