
जी बिलकुल सही सुना आपने हम इस दौर के एक ऐसे देश में रह रहे है जहा सरकार का वर्चस्व अपनी चरम पर है जिस देश के करता धर्ता को ही देश के नागरिको से कोई लेना देना नहीं है ,
किसान दुखी ,युवा बेरोजगार और अब तो हद ही हो गयी , अपने हक़ के लिए आवाज उठाने वाले बच्चो के साथ मर पिट की जा रही है.
२० जुलाई को होने वाले प्रोटेस्ट में १० से १२ बच्चो की जान गयी है लेकिन सरकार की जुबान अभी भी बंद है इस सियासी सरकार के लिए उन बच्चो के जान की कोई कीमत नहीं है.
सोशल मीडिआ पे ऐसे बहुत से पोस्ट और वीडियो वायरल हो रहे है जिनमे बच्चे रोते बिलखते पाए गए है किसी का सर फोर दिए किसी का पैर तोर दिए , ये कैसी बर्बरता है दिल्ही पुलिस की
क्या अब इस देश के संबिधान का कोई मोल नहीं रह गया है क्या अब इस देश में अपने हक़ के लिए बात करना इतना बड़ा गुनाह है की उसके बदले अपने जान देनी परती है
