नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शिक्षा प्रणाली गंभीर संकट से गुजर रही है और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार जिम्मेदार है। राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की तीन प्रमुख मांगों का समर्थन किया। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना, छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा या बल प्रयोग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार कर पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाना शामिल है।
उन्होंने कहा कि छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है और उनकी आवाज़ को दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है और इस पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
वहीं केंद्र सरकार ने कहा है कि परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की घोषणा की है। हालांकि प्रदर्शनकारी छात्र संगठन और विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित अन्य मांगों पर अब भी कायम हैं।
