नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए और कुछ फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए। याचिकाकर्ता ने इन मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है।
याचिका में SIR से जुड़े कथित फैसलों और दिशा-निर्देशों की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं। साथ ही पुराने Form-6 को बहाल करने और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है।
यह याचिका ऐसे समय में दाखिल हुई है, जब चुनाव आयोग के दो अन्य चुनाव आयुक्तों द्वारा SIR से जुड़े कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है।
हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े फैसले आयोग की सहमति से लिए गए हैं। इसलिए याचिका में लगाए गए आरोपों और आयोग के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।
