नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2026। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का मामला लगातार गरमाया हुआ है। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी।
प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी, विभिन्न छात्र संगठनों और नागरिक समूहों से जुड़े लोग शामिल हुए। पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने और निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया। अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक शुक्रवार को सैकड़ों से लेकर करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारियों की ओर से SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए गए तथा CEC के इस्तीफे की मांग की गई। इन आरोपों को लेकर चुनाव आयोग का पक्ष भी अलग है और आयोग ने अपनी निर्णय प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग दावों पर स्पष्टीकरण दिया है।
दिल्ली पुलिस ने दर्ज की 3 FIR
प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने तीन FIR दर्ज की हैं। इनमें दो मामले संसद मार्ग थाना और एक मामला कनॉट प्लेस थाने में दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 समेत अन्य संबंधित धाराओं का इस्तेमाल किया गया है।
शनिवार को भी जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। प्रदर्शनकारियों की ओर से दोबारा जुटने का आह्वान किया गया है।
इस बीच, CJP की ओर से भी 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर एक नए प्रदर्शन का ऐलान किया गया है, जिसे CEC के इस्तीफे की मांग से जोड़ा गया है।
