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रायपुर, 2 अक्टूबर 2026। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित श्री बिरंचीनारायण मंदिर एवं नरसिंहनाथ मंदिर सार्वजनिक न्यास की धरमपुरा स्थित जमीन की बिक्री से जुड़े मामले में सार्वजनिक न्यास न्यायालय एवं एसडीएम राजस्व ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। 29 सितंबर 2026 को जारी आदेश में संबंधित भूमि के नामांतरण को निरस्त करने, राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त करने और संबंधित थाना को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

मामला ग्राम धरमपुरा, पटवारी हल्का नंबर 78 स्थित खसरा नंबर 293/7, रकबा 0.158 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है। शिकायतकर्ता पत्रकार पंकज विश्वकर्मा की ओर से इस जमीन की कथित अवैध बिक्री को लेकर जनवरी 2026 में मुख्यमंत्री के जनदर्शन कार्यक्रम में शिकायत प्रस्तुत किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके बाद मामले की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे।

बिना अनुमति जमीन बेचने का मामला

प्रकरण में यह सवाल उठाया गया था कि सार्वजनिक न्यास की संपत्ति के विक्रय के लिए आवश्यक पूर्व अनुमति ली गई थी या नहीं। आदेश में छत्तीसगढ़ लोक न्यास अधिनियम, 1951 की धारा 14 का उल्लेख करते हुए कहा गया कि सार्वजनिक न्यास की अचल संपत्ति के हस्तांतरण के लिए निर्धारित वैधानिक अनुमति आवश्यक है।

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, न्यायालय ने संबंधित भूमि की बिक्री को नियमों के विपरीत माना है। साथ ही घनश्याम दानी के नाम दर्ज नामांतरण को हटाकर राजस्व अभिलेखों में पूर्व निर्धारित ट्रस्ट संबंधी प्रविष्टि दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

21 लाख रुपये में बिक्री का आरोप

शिकायत से जुड़े दस्तावेजों और प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2022 में उक्त भूमि को करीब 21 लाख रुपये में बेचने का प्रस्ताव रखा गया था, जबकि शिकायतकर्ताओं के अनुसार उस समय जमीन का बाजार मूल्य करीब 2.50 करोड़ रुपये से अधिक था।

प्रकरण में ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों तथा अन्य व्यक्तियों की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित सभी पक्षों का स्वतंत्र पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।

राजस्व रिकॉर्ड में सुधार और पुलिस कार्रवाई

आदेश के अनुसार खसरा नंबर 293/7 से संबंधित राजस्व अभिलेखों में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बिक्री विलेख को शून्य कराने के लिए सक्षम न्यायालय में आवश्यक कार्रवाई किए जाने तथा संबंधित थाना प्रभारी को लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

मामले में शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता महंत राम आशीष दास ने पैरवी की। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह आदेश सार्वजनिक न्यास की संपत्तियों के संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। आगे की कार्रवाई संबंधित राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों के स्तर पर की जानी है।