देश में लगातार बढ़ती चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए चीनी निर्यात पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। खाद्य मंत्रालय का कहना है कि घरेलू बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल गर्मी बढ़ने और गन्ने की उत्पादन लागत में वृद्धि के कारण चीनी उत्पादन प्रभावित हुआ है। कई राज्यों में गन्ने की फसल पर मौसम का असर पड़ा, जिससे उत्पादन अनुमान घट गया। ऐसे में सरकार घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से देश में चीनी की कीमतों में स्थिरता आ सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम बढ़ सकते हैं। भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादकों और निर्यातकों में शामिल है, इसलिए इस फैसले का असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ सकता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी। अगर उत्पादन और स्टॉक सामान्य स्तर पर रहे, तो आने वाले महीनों में निर्यात नीति में बदलाव किया जा सकता है। वहीं, उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए राज्यों को बाजार निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
