Spread the love

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रस्तावित चीन दौरे को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस दौरे में अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के मुद्दों पर अहम बातचीत हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से व्यापारिक तनाव बढ़ा है। अमेरिका ने चीनी टेक कंपनियों पर कई प्रतिबंध लगाए हैं, जबकि चीन ने भी जवाबी कदम उठाए हैं। ऐसे में यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस मुलाकात में ताइवान, दक्षिण चीन सागर और वैश्विक सप्लाई चेन जैसे मुद्दे भी प्रमुख रहेंगे। अमेरिका चाहता है कि चीन वैश्विक व्यापार नियमों और तकनीकी सुरक्षा को लेकर अधिक पारदर्शिता दिखाए। वहीं चीन आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दे सकता है।

दुनिया भर के बाजारों और कूटनीतिक हलकों की नजर इस दौरे पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि अगर बातचीत सकारात्मक रही, तो वैश्विक व्यापार और निवेश माहौल में सुधार देखने को मिल सकता है।