NEET-UG परीक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि केंद्र सरकार के साथ हुई देर रात की बातचीत के बाद बिहार और असम सरकारों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और भविष्य में उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया है।
CJP के अनुसार, दोनों राज्यों की ओर से ऐसे मसौदा आदेश साझा किए गए हैं जिनमें प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR वापस लेने, गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि अन्य भाजपा/एनडीए शासित राज्यों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने का आश्वासन मिला है।
हालांकि, सरकारी सूत्रों ने CJP के दावों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि राहत केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के लिए है। यदि किसी व्यक्ति पर हिंसा, तोड़फोड़ या अन्य गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं, तो उनके मामलों पर कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रह सकती है।
इस बीच, बिहार और असम सरकारों ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों को वापस लेने और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। दोनों राज्यों ने यह भी कहा है कि निर्धारित अवधि के भीतर हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
